क्षेत्र पंचायत की 7 माह बाद जांच, उससे पहले बदले रिकॉर्ड!

बिसवां क्षेत्र पंचायत में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से छेड़छाड़ के आरोप

शिकायत के बाद बदले बिलों का फॉर्मेट, राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच ने उठाए गंभीर सवाल, डीडीओ बोले- देखकर बताएंगे

 

सीतापुर। विकास खंड बिसवां की क्षेत्र पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी बिल-वाउचर के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच द्वारा शिकायत किए जाने के करीब सात माह बाद जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) जांच के लिए पहुंचे, लेकिन संगठन का आरोप है कि जांच से पहले ही ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड अभिलेखों में बदलाव कर कथित तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ की गई। संगठन के अनुसार, 17 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर क्षेत्र पंचायत में कराए गए विभिन्न कार्यों में फर्जी बिल, एक ही बिल को कई कार्यों में दर्शाने तथा बिना बिल-वाउचर भुगतान किए जाने सहित कई गंभीर अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। इसके बाद 25 जुलाई 2026 को जिला विकास अधिकारी जांच के लिए बिसवां पहुंचे।
जांच के दौरान राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच के जिला अध्यक्ष एवं अवध क्षेत्र के कार्यकारी अध्यक्ष एस.के. तूफानी ने जांच टीम के समक्ष कई दस्तावेज और स्क्रीनशॉट प्रस्तुत किए। उनका दावा है कि मार्च 2025 में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड कुछ बिलों को हटाया गया जबकि अगस्त 2025 में वही फर्जी बिल अपलोड मिले।
संगठन का आरोप है कि शिकायत के समय उपलब्ध स्क्रीनशॉट में संबंधित बिलों के स्थान पर JPG फाइलें दिखाई दे रही थीं। यही स्थिति 10 जुलाई 2026 को पोर्टल देखने पर भी थी, जबकि 25 जुलाई 2026 को जांच के दिन उन्हीं अभिलेखों के स्थान पर PDF फाइलें दिखाई गईं। संगठन ने इसे रिकॉर्ड में बदलाव और कथित सबूतों से छेड़छाड़ का मामला बताते हुए इसकी तकनीकी जांच की मांग की है। एस.के. तूफानी ने कहा कि यदि पोर्टल पर अपलोड अभिलेखों में बदलाव हुआ है तो इसकी जांच NIC के माध्यम से कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस लॉगिन, किस IP एड्रेस और किस समय रिकॉर्ड में परिवर्तन किया गया। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध आईटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की। जांच के दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर जिला विकास अधिकारी ने किसी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि “देखकर बताएंगे।” संगठन का कहना है कि जब जांच के समय ही रिकॉर्ड बदल चुके हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी और वित्तीय जांच आवश्यक है।
राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर यदि पोर्टल से छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
——–
बॉक्स

17 नवंबर को शिकायत, 10 जुलाई तक JPG और जांच वाले दिन PDF!

राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच का दावा है कि शिकायत के साथ दिए गए स्क्रीनशॉट और 10 जुलाई 2026 तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर संबंधित अभिलेख JPG स्वरूप में दिखाई दे रहे थे, जबकि 25 जुलाई 2026 को जांच के दिन वही रिकॉर्ड PDF के रूप में प्रदर्शित होने लगे। संगठन ने इसे संदेहास्पद बताते हुए पोर्टल के लॉग और बैकअप की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

Loading

Related posts