वीरांगना नांगेली ने स्तन टैक्स देने की बजाय स्तन ही काट डाला – चंद्रभूषण सिंह यादव

नंगेली और उनके पति केरलम के एक छोटे से तटीय गांव चेरथला के खेतिहर मजदूर थे जो नारियल के पेड़ों से रस एकत्र करते थे। नंगेली दलित एझावा समुदाय से थी। उसने न केवल अपने लिए बल्कि सभी श्रमिक दलित महिलाओं के लिए आवाज उठाई। उनके विरोध ने उनके क्षेत्र में विद्रोह की चिंगारी जलाने में मदद की,उक्त बातें नंगेली के शहादत दिवस पर रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि नांगेली ने महसूस किया कि उनके समुदाय के साथ अन्याय हो रहा है। स्तन टैक्स के बोझ के कारण उनके पास दिन के अंत में खाने के लिए मुश्किल से मुट्ठी भर चावल का इंतज़ाम हो पाता था,इसलिए नंगेली ने विद्रोह का रास्ता चुना।
सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि त्रावनकोर राज्य के टैक्स प्रथा से आसपास की महिलाओं की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही थी जिस नाते नंगेली का अन्यायपूर्ण और अपमानजनक तरीके से स्तन ढकने हेतु लगने वाले टैक्स के ख़िलाफ़ गुस्सा फूट पड़ा। पति से बात कर नंगेली ने निर्णय लिया कि किसी न किसी को तो आवाज उठानी ही होगी। पति का साथ मिलने के बाद नांगेली अपना स्तन ढकने लगी जिससे कुपित जातिवादियों ने नंगेली से स्तन ढकने का टैक्स मांगा। नंगेली ने स्तन टैक्स के विरुद्ध बगावत की ज्वाला फूंकते हुई जातंकवादियों को अपना स्तन काटकर देते हुए 26 जुलाई 1803 को अपनी शहादत दे दिया। क्रान्तिपुंज नंगेली को इस साहसिक कदम पर नमन/श्रद्धांजलि है।
उक्त शहादत दिवस कार्यक्रम में उपस्थित राजेंद्र यादव,दुर्गा प्रसाद,सुरेश नारायण सिंह, अभिषेक गुड्डू गोंड, शंकर गोंड,नारायण प्रसाद, बेलभद्र गोंड, रामप्यारे यादव, मुरलीधर, बुधई प्रसाद, मिथिला वर्मा , नंदलाल यादव, संतोष मद्धेशिया ,चंद्रिका यादव आदि ने नंगेली को याद करते हुए नमन किया।

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