क्या होता है वैजिनिस्मस?
वैजिनिस्मस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें योनि के आसपास की मांसपेशियां अपने आप सिकुड़ जाती हैं। यह सिकुड़न बिना किसी कंट्रोल के होती है। जब टैम्पॉन, उंगली, सेक्स टॉय, पेनिस या मेडिकल जांच के दौरान कोई उपकरण अंदर डालने की कोशिश की जाती है, तो ये मांसपेशियां अचानक टाइट हो जाती हैं। इससे तेज दर्द, जलन या असहज महसूस हो सकता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
इस समस्या का सबसे बड़ा संकेत यह है कि जैसे ही पेनिट्रेशन की कोशिश होती है, योनि के आसपास की मांसपेशियां अपने आप टाइट हो जाती हैं। इसकी वजह से सेक्स के दौरान तेज दर्द, जलन या काफी असहज महसूस हो सकता है। कई महिलाओं को टैम्पॉन लगाना भी मुश्किल या दर्दनाक लगता है और गायनेकोलॉजिस्ट के चेकअप के समय भी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में ऐसा महसूस होता है कि योनि के अंदर कुछ भी नहीं जा पा रहा है। वहीं, कई बार सिर्फ पेनिट्रेशन के बारे में सोचने या उसकी कोशिश करने से ही शरीर तनाव में आ जाता है और मांसपेशियां अपने आप सिकुड़ने लगती हैं।
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क्या ये समस्या कभी भी शुरू हो सकती है?
हां। कुछ महिलाओं को पहली बार पेनिट्रेशन की कोशिश में ही यह समस्या महसूस होती है। वहीं कुछ महिलाओं में कई साल तक सब सामान्य रहने के बाद भी वैजिनिस्मस हो सकता है।
इसकी वजह क्या हो सकती है?
इसकी कोई एक तय वजह नहीं है। डॉक्टरों का मानना है कि कई बार सेक्स के दौरान दर्द होने का डर या पेनिट्रेशन को लेकर मन में बैठा डर इसकी बड़ी वजह बन सकता है। जब दिमाग को दर्द का डर महसूस होता है, तो शरीर अपने आप योनि के आसपास की मांसपेशियों को टाइट कर देता है। इसके अलावा पहले सेक्स के दौरान दर्दनाक अनुभव, गायनेकोलॉजिस्ट की जांच या डिलीवरी का खराब अनुभव, सेक्स को लेकर डर, घबराहट या चिंता, सेक्स से जुड़ी गलत धारणाएं, यीस्ट इंफेक्शन, सर्जरी, पेल्विक दर्द या यौन शोषण जैसी घटनाएं भी इस समस्या की वजह बन सकती हैं। हालांकि, कई महिलाओं में कोई साफ मानसिक या शारीरिक कारण नहीं मिलता, फिर भी उन्हें वैजिनिस्मस हो सकता है। इसलिए अगर ऐसे लक्षण महसूस हों, तो बिना शर्म या झिझक के डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है।
इसका असर सिर्फ सेक्स तक सीमित नहीं रहता
अगर वैजिनिस्मस का समय पर इलाज न कराया जाए, तो इसका असर सिर्फ सेक्स लाइफ तक सीमित नहीं रहता। इसकी वजह से पार्टनर के साथ रिश्तों में तनाव या दूरी आ सकती है और कई महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी प्लान करना भी मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक इस समस्या के साथ रहने से आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है और तनाव, एंग्जायटी या डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। इसलिए इस समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
कैसे पता चलेगा कि आपको वैजिनिस्मस है?
अगर हर बार पेनिट्रेशन के दौरान दर्द या मांसपेशियों के टाइट होने की समस्या होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। हालांकि, वैजाइनल दर्द की वजह सिर्फ Vaginismus नहीं होती। इसलिए सही कारण जानने के लिए गायनेकोलॉजिस्ट से जांच कराना जरूरी है।
डॉक्टर कैसे करते हैं इसकी जांच?
वैजिनिस्मस की पहचान करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत पड़ने पर आपकी सेक्सुअल हिस्ट्री के बारे में पूछ सकते हैं। इसके बाद दूसरी वजहों से होने वाले दर्द को समझने के लिए पेल्विक एग्जाम करने की सलाह दी जा सकती है। अगर आपको जांच को लेकर डर या घबराहट महसूस होती है, तो इसे डॉक्टर से खुलकर बताएं। आप जांच शुरू होने से पहले पूरी प्रक्रिया समझ सकती हैं, चाहें तो मिरर की मदद से देख सकती हैं कि डॉक्टर क्या कर रहे हैं। इससे आपको स्थिति पर ज्यादा कंट्रोल महसूस होगा और जांच के दौरान आप अधिक सहज रह पाएंगी।
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