सुश्री एषा सिंह विगत कई वर्षों से गंगा संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर जन-जागरूकता का कार्य कर रही हैं। उन्होंने गंगा तटवर्ती ग्रामों में ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया| नमामि गंगे परियोजना को केवल एक सरकारी परियोजना तक न सीमित रखते हुए उन्होंने इसे जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।उनके प्रयासों में महिलाओं, युवाओं एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। ‘नदी उत्सव’,गंगा उत्सव जैसे समावेशी कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक सहभागिता को मजबूती दी गई। जिला स्तर पर विभिन्न विद्यालयों में चित्रकला, क्विज़, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियाँ तथा घाटों पर स्वच्छता अभियानों का आयोजन कर छात्रों एवं आम नागरिकों को पर्यावरण एवं नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
महाकुंभ–2025 जैसे विशाल आयोजन के दौरान उनके नेतृत्व में संचालित नमामि गंगे प्रदर्शनी, जन-जागरूकता रैलियों एवं अभियानों ने देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं में गंगा के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया। इन उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
गंगा संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को पूर्व में भी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहा जा चुका है। उन्हें भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री द्वारा ‘वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर वॉरियर अवार्ड’ तथा राज्य स्तर पर ‘गंगा सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है। गणतंत्र दिवस परेड–2026 में विशेष अतिथि के रूप में उनका चयन उनके सतत, समर्पित एवं प्रभावी कार्यों की स्वाभाविक परिणति है।
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