जिलाधिकारी महोदय, प्रयागराज द्वारा बताया गया कि स्व0 चौधरी चरण सिंह भूतपूर्व प्रधानमंत्री जी कृषकों के मसीहा थे। भूतपूर्व प्रधानमंत्री जी की ही इच्छा शक्ति थी जिससे आज भूमि सुधार कार्यक्रम को कृषक हित में धरातल पर उतारा गया। जो कृषक भूमि जोतेगा भूमि का मालिक वहीं कृषक होगा। इसी के दृष्टिगत रखते हुए जमीदारी उन्मूलन अधिनियम 1952 पास हुआ। उसी के बाद से बड़े-बड़े जमीदारों के भूमि की एक सीमा तय कर दी कि जिनके पास ज्यादा जमीन होगी उनके पास से कमजोर एवं भूमिहीन कृषकों को भूमि उपलब्ध करायी जायेगी। जो कृषक जिस भूमि पर खेती कर रहे होगें उस भूमि का अधिकार दिया जायेगा। मा0 प्रधानमंत्री जी ने लगातार बहुत ऐसे सारे कार्य किये जो किसानों के हित में रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांव-गांव मंे उन्होंने भ्रमण किया और किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। आज हम इसीलिये किसानों को प्रोत्साहित करने के लिये किसान सम्मान दिवस के रुप मे मना रहे हैं। भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार में बहुत सारी योजनायें चल रही है जो यहां के अधिकारियों के द्वारा योजनाओं का लाभ किसानों तक लाभ पहुॅंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार द्वारा पी0एम0 किसान योजना का लाभ 500 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है और इसके अलावा अन्य योजनाओं का लाभ डी0बी0टी0 के माध्यम से किसानों के खाते में भेजा जाता है। सरकार की मंशा है कि सारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों को मिल सके। भूमि की उर्वरक क्षमता को बढ़ाने हेतु जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के लिये तकनीकी एवं आर्गेनिक पद्धति अपनाने की अवश्यकता है। पी0एम0 धन, धान्य कृषि योजना के बारे में चर्चा करते हुए अन्त में योजनाओं का लाभ लेने के लिये अनिवार्य रुप से सभी कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री करने हेतु अपील की है।
श्री संतोष कुमार राय, संयुक्त कृषि निदेशक महोदय, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज के द्वारा भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व0 चौधरी चरण सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला साथ ही पुरस्कृत कृषकों द्वारा प्राप्त तकनीकी जानकारियों को अपने आस पास के कृषकों को जागरुक करने हेतु अनुरोध किया गया जिससे विभागीय समस्त योजनाओं लाभ निचले स्तर तक के कृषकों को प्राप्त हो सके।
श्री पवन कुमार विश्वकर्मा, उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं सम्मानित कृषकों का स्वागत करते हुए मा0 स्व0 चौधरी चरण सिंह, भूतपूर्व प्रधानमंत्री जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए सम्मानित होने वाले कृषकों की उपलब्धि के बारे में जानकारी दी तथा कृषकों को अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु जानकारी दी।
श्री पीयूष राय, सहायक निदेशक, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला प्रयागराज मण्डल के द्वारा कृषकों को मृदा एवं खेतों से मृदा नमूना लेने के साथ-साथ तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
पशुपालन, मत्स्य एवं उद्यान विभाग में संचालित योजनाओं के बारे मेंक्रमशः जिला उद्याान अधिकारी पशुपालन से विस्तृत से चर्चा की गयी। कुल भास्कर आश्रम डिग्री कालेज के प्रवक्ता डा0 मनीष कुमार द्वारा रबी सीजन में समसामयिक खेती पर विस्तृत चर्चा की गयी। उनके द्वारा बताया गया कि गेहूॅं उत्पादन के साथ उत्पादकता बढ़ाने के लिये गेहूॅं की बुवाई समय से करे, अच्छे गुणवत्तायुक्त बीज लें, बीज का शोधन एवं सिंचाई के लिये ट्राप डेसिंग के माध्यम से सिंचाई करनेे से गेहूॅ का उत्पादन ज्यादा होगा। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी, श्री संतोष कुमार राय संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज, श्रीमती शिप्रा उप निदेशक (कृ0र0) प्रयागराज मण्डल, श्री के0के0सिंह जिला कृषि अधिकारी, श्री मुकेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, श्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी, श्री विकास मिश्रा अपर जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निदेशक, मत्स्य प्रयागराज, अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई बेलन, अधिशासी अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता, जल निगम अन्य अधिकारीगण व कृषि विभाग के समस्त कर्मचारियों के साथ-साथ भारी संख्या में जनपद के प्रगतिशील महिला/पुरुष कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
अन्त में जिला कृषि अधिकारी प्रयागराज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर किसान सम्मान दिवस का समापन किया गया।
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