बजट में से 50 करोड़ रुपये केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी के लिए रखे गए हैं। इससे ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार खरीदना लोगों के लिए आसान होगा। इसके अलावा एक लाख रुपये परिवहन आयुक्त कार्यालय के ब्लाक-ए में दूसरे तल के निर्माण के लिए प्रतीक राशि के रूप में रखे गए हैं। सरकार का यह अतिरिक्त खर्च विभाग के बजट में होने वाली बचत से पूरा किया जाएगा और इससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
सरकार ने कहा कि पूरक बजट एक नियमित वित्तीय प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य उभरती जरूरतों को पूरा करना, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को वित्त पोषित करना और यह सुनिश्चित करना है कि बजटीय बाधाओं के कारण प्रमुख कार्यक्रमों में देरी न हो। विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा कि पूरक बजट पेश करना संवैधानिक है। हालांकि, उन्होंने उन परिस्थितियों पर सवाल उठाया जिनके तहत इसे पेश किया जा रहा है।
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