गौशाला सोसाइटी द्वारा गोपाष्टमी महोत्सव पर्व अन्नपूर्णा का शुभारंभ

कानपुर गौशाला सोसाइटी द्वारा आज परंपरागत 137 वां गोपाष्टमी महोत्सव पर्व अन्नपूर्णा भवन एक्सप्रेस रोड कैनाल रोड कानपुर में बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास गौ पूजन कर झमाझम बारिश में इंद्र भगवान ने भी अपनी खुशी का इजहार किया कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया पूजन स्थल पर महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान में हाथ में पूजन थाली लेकर गौ माता का पूजन आरती परिक्रमा की जो बड़ा मनोरम दृश्य लग रहा था पूर्व सांसद श्री सत्य देव पचौरी ने 31000 रुपए व विधायक अमिताभ बाजपेई ने 31000 रुपए गौशाला में गाय को संरक्षण के लिए देने की बात कही गौशाला की भौति शाखा में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम दंगल मेला रामलीला आदि स्थानीय समिति द्वारा भी कराई गई मुख्य श्री विनय कुमार पाठक कुलपति कानपुर विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान कृष्ण ने अपनी लीलाओं में ज्यादातर पर्यावरण पूरक कार्य किए हैं गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान कृष्ण बाल्यावस्था से किशोरावस्था में पहुंचे तो मैया यशोदा से कहा कि अब मैं गौ चरण करने जाया करूंगा जिस पर मां ने कहा कि पिताजी की अनुमति ले लो जिस पर नंद बाबा ने कुल पुरोहितों से विचार विमर्श कर आज का ही दिन गोचरण के लिए निश्चित किया था तब से आज तक आज के ही दिन गोपाष्टमी का कार्यक्रम मनाया जाता है व गोपाष्टमी महोत्सव में श्री पारस नाथ गुप्ता उप निबंधक फर्म्स सोसाइटीज कानपुर मंडल ने कहा कि गोपाष्टमी पर गायों की पूजा भगवान श्री कृष्ण को बेहद प्रिय है और गौ माता में सभी देवताओं का वास
माना जाता है उन्होंने जनमानस से अपील की वह अपने बच्चों को परिवार में प्रेषित करें कि प्रतिदिन भोजन के पूर्व गौ ग्रास की परंपरा डालें जिससे कि बच्चों में संस्कार परिलक्षित हो सके श्री माटी प्रमिला पांडे महापौर ने कहा की गोपाष्टमी में जुड़ी एक और पौराणिक कथा है कि इस दिन राधा रानी भी अपनी गाय को चराने के लिए घर से बाहर बन में जाना चाहती थी लेकिन लड़की होने की वजह उन्हें कोई नहीं हां कर रहा था काफी कोशिश के बाद जब राधा रानी थक हार गई तब उन्हें एक उपाय सूझी वह ग्वालो जैसे कपड़े पहनकर वन में प्रभु श्री कृष्ण के साथ गाय चराने निकल पड़ी भगवान जो समय कोई कार्य करें वही शुभ मुहूर्त बन जाता है उसी दिन भगवान ने गौ चरण प्रारंभ किया और वह शुभ तिथि थी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी भगवान के गोचरण प्रारंभ करने के कारण यह तिथि गोपाष्टमी कहलाई श्री अरुण पाठक विधायक ने कहा माता यशोदा ने अपने लल्ला के श्रृंगार किया जैसे ही पैरों में जूतियां पहनाने लगी तो लाला ने मना कर दिया और बोले मैया मेरी गाय जूतियां नहीं पहनती तो मैं कैसे पहन सकता हूं यदि पहले शक्ति हो तो उन सभी को भी जूतियां पहना दो और भगवान जब तक वृंदावन में रहे भगवान ने कभी पैरों में जूतियां नहीं पहनी आगे आगे गाय और पीछे-पीछे बांसुरी बजाते भगवान उनके पीछे बलराम और श्री कृष्ण के यश का दान करते हुए ग्वाल गोपाल इस प्रकार बिहार करते हुए भगवान ने उसे वन में प्रवेश किया तब से भगवान की गौ चरण लीला प्रारंभ हुई महामंत्री श्री पुरुषोत्तम लाल तोषनीवाल ने कहा कि गोपाष्टमी कार्यक्रम 137 वर्ष पूर्व से निरंतर चल रहा है एक प्रसंग बताते हुए कहा कि गौ माता की जिस परिवार में पूजा अर्चना होती है वह परिवार कभी कष्टप्रद नहीं रहता कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुरेश गुप्ता उपसभापति ने की संचालन श्री कृष्णा गुप्त बब्बू मंत्री ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री विजय पांडे काशी प्रसाद शर्मा सुशील तुलस्यान धर्म प्रकाश गुप्ता नीरज दीक्षित रमेश मिश्रा डॉक्टर दिवाकर मिश्रा धर्मेंद्र सिंह धर्मो एडवोकेट शेषनारायण त्रिवेदी विनोद मुरारका प्रदीप गुप्ता श्याम कनोडिया बिंदा प्रसाद त्रिपाठी रामगोपाल तुलस्यान अमित गुप्ता पाषर्द सुरेंद्र गुप्ता अनिल सोनकर रामप्रकाश शास्त्री
विशाल अग्रवाल श्री विजय पांडे गौशाला के पूर्व मंत्री ने सभी गौ भक्तों को आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया1

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