माना जाता है उन्होंने जनमानस से अपील की वह अपने बच्चों को परिवार में प्रेषित करें कि प्रतिदिन भोजन के पूर्व गौ ग्रास की परंपरा डालें जिससे कि बच्चों में संस्कार परिलक्षित हो सके श्री माटी प्रमिला पांडे महापौर ने कहा की गोपाष्टमी में जुड़ी एक और पौराणिक कथा है कि इस दिन राधा रानी भी अपनी गाय को चराने के लिए घर से बाहर बन में जाना चाहती थी लेकिन लड़की होने की वजह उन्हें कोई नहीं हां कर रहा था काफी कोशिश के बाद जब राधा रानी थक हार गई तब उन्हें एक उपाय सूझी वह ग्वालो जैसे कपड़े पहनकर वन में प्रभु श्री कृष्ण के साथ गाय चराने निकल पड़ी भगवान जो समय कोई कार्य करें वही शुभ मुहूर्त बन जाता है उसी दिन भगवान ने गौ चरण प्रारंभ किया और वह शुभ तिथि थी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी भगवान के गोचरण प्रारंभ करने के कारण यह तिथि गोपाष्टमी कहलाई श्री अरुण पाठक विधायक ने कहा माता यशोदा ने अपने लल्ला के श्रृंगार किया जैसे ही पैरों में जूतियां पहनाने लगी तो लाला ने मना कर दिया और बोले मैया मेरी गाय जूतियां नहीं पहनती तो मैं कैसे पहन सकता हूं यदि पहले शक्ति हो तो उन सभी को भी जूतियां पहना दो और भगवान जब तक वृंदावन में रहे भगवान ने कभी पैरों में जूतियां नहीं पहनी आगे आगे गाय और पीछे-पीछे बांसुरी बजाते भगवान उनके पीछे बलराम और श्री कृष्ण के यश का दान करते हुए ग्वाल गोपाल इस प्रकार बिहार करते हुए भगवान ने उसे वन में प्रवेश किया तब से भगवान की गौ चरण लीला प्रारंभ हुई महामंत्री श्री पुरुषोत्तम लाल तोषनीवाल ने कहा कि गोपाष्टमी कार्यक्रम 137 वर्ष पूर्व से निरंतर चल रहा है एक प्रसंग बताते हुए कहा कि गौ माता की जिस परिवार में पूजा अर्चना होती है वह परिवार कभी कष्टप्रद नहीं रहता कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुरेश गुप्ता उपसभापति ने की संचालन श्री कृष्णा गुप्त बब्बू मंत्री ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री विजय पांडे काशी प्रसाद शर्मा सुशील तुलस्यान धर्म प्रकाश गुप्ता नीरज दीक्षित रमेश मिश्रा डॉक्टर दिवाकर मिश्रा धर्मेंद्र सिंह धर्मो एडवोकेट शेषनारायण त्रिवेदी विनोद मुरारका प्रदीप गुप्ता श्याम कनोडिया बिंदा प्रसाद त्रिपाठी रामगोपाल तुलस्यान अमित गुप्ता पाषर्द सुरेंद्र गुप्ता अनिल सोनकर रामप्रकाश शास्त्री
विशाल अग्रवाल श्री विजय पांडे गौशाला के पूर्व मंत्री ने सभी गौ भक्तों को आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया1
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