उक्त बैठक मुख्य रूप से देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को तेज़ करने, संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और वित्तीय अनुशासन के माध्यम से भारत की विकास संरचना को मजबूत बनाने पर फोकस रही। केंद्रीय वित्त मंत्री ने मंत्रालयों के सुधारोन्मुख दृष्टिकोण की सराहना की और सह-समन्वित और समावेशी राष्ट्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए विभागीय तालमेल की अहमियत को रेखांकित किया।
प्रौद्योगिकी और वित्तीय पुनर्संरचना के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा की ओर अग्रसर बीएसएनएल
दूरसंचार विभाग ने ‘Path to आत्मनिर्भर 2025–2030’ के तहत बीएसएनएल के आत्मनिर्भर बनने और वित्तीय सुधार के रोडमैप को प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में बीएसएनएल की 17 वर्षों के बाद परिचालन लाभ प्राप्ति, स्वदेशी 4G नेटवर्क विस्तार और वित्तीय संकेतकों में स्थिर सुधार को उजागर किया गया।
साथ ही भविष्य में निवेश की प्राथमिकताओं में 4G और 5G नेटवर्क विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सिस्टम का आधुनिकीकरण, तथा भूमि मोनेटाइजेशन पहलों को तेज़ करना शामिल है, ताकि दूरसंचार क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने यह भी रेखांकित किया कि इन सुधारों का उद्देश्य दशक के अंत तक BSNL को लाभांश देने वाली, आत्मनिर्भर संस्था बनाना है।
लाभकारी और डिजिटल रूप से एकीकृत लॉजिस्टिक्स ईकोसिस्टम का निर्माण करेगा डाक विभाग
उक्त बैठक में डाक विभाग ने अपने आधुनिकीकरण और रूपांतरण रोडमैप को प्रस्तुत किया, जिसमें डाक विभाग को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवा संगठन में बदलने पर जोर दिया गया। प्रमुख पहलों में स्वचालित पार्सल हब्स का निर्माण, 25,000 डाकघरों और 1,600 कर्मचारी कॉलोनियों का आधुनिकीकरण, और डिजिटल भुगतान प्रणालियों का एकीकरण शामिल है, ताकि नागरिकों को सहज सेवा प्रदान की जा सके।
विभाग ने संचालन दक्षता बढ़ाने, सेवा मानकों को सुधारने और अंतिम-मील कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रक्रिया सुधारों पर भी जोर दिया। इन पहलों का उद्देश्य भारतीय डाक विभाग को लॉजिस्टिक्स क्षेत्र का अग्रणी संगठन बनाना है, जो भारत की बढ़ती ई-कॉमर्स, निर्यात और वित्तीय समावेशन आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा कर सके।
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