इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे की बरेली यात्रा को पुलिस ने रोक दिया। पांडे ने बताया कि उन्हें जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से नोटिस दिया गया कि उनका दौरा माहौल बिगाड़ सकता है। पांडे ने कहा कि सरकार अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए उन्हें वहां जाने से रोक रही है। उनके लखनऊ स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस तैनाती की गई थी।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की नमाज सभी मस्जिदों में शांति पूर्वक संपन्न हुई और नागरिकों ने प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया। शहर को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बांटकर अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया। ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की गई। बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मणिकंदन ने बताया कि हिंसा में शामिल दोषियों की अचल संपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि इस विवाद की शुरुआत 9 सितंबर को हुई थी, जब बरावाफत जुलूस के दौरान ‘I Love Muhammad’ पोस्टर लगाने पर 24 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। क्षेत्र के हिंदू संगठनों ने पोस्टरों को “जानबूझकर उकसाने वाला” बताया। 26 सितंबर को कोतवाली इलाके की एक मस्जिद के बाहर लगभग 2,000 लोग जमा हुए और विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। मौजूदा जानकारी के अनुसार अब तक इस मामले में 81 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें मौलाना तौकीर रज़ा खान और उनके सहयोगी शामिल हैं।
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