– उड़ान डेटा रिकॉर्डर की पूरी जानकारी का खुलासा
– कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की पूरी प्रतिलिपि, सटीक समय सहित
एनजीओ ने अदालत की निगरानी में जाँच की माँग की
एनजीओ ने आगे दावा किया है कि प्रारंभिक जाँच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई, जिनमें ईंधन स्विच की खराबी, विद्युत दोष, रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) का संचालन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक विसंगतियाँ शामिल हैं। याचिका में उठाई गई एक और बड़ी चिंता कथित हितों के टकराव की है – जाँच दल में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारी शामिल हैं, जिस पर स्वयं विमानन सुरक्षा में लापरवाही के आरोप हैं। एनजीओ ने ज़ोर देकर कहा कि जाँच पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए और अदालत द्वारा इसकी निगरानी की जानी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
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