प्रयागराज। देश मे इलाहाबाद (वर्तमान मे प्रयागराज) को जो सर्वांगीण महत्त्व है, वह अन्य किसी स्थान को प्राप्त नहीँ है। इसका मुख्य कारण है, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे उसका अप्रतिम नेतृत्व। अध्यात्म, दर्शन, कला-संस्कृति, समाज, साहित्य, इतिहास-पुरातत्त्व, विज्ञान, राजनीति इत्यादिक क्षेत्रोँ मे एक-से-बढ़कर विभूतियोँ ने देश और राष्ट्र को समृद्ध करने मे जो अपना योगदान अर्पित किया है, वह अद्वितीय रहा है। इलाहाबाद को ‘साहित्य की निधि’ माना गया है; क्योँकि वहाँ के स्वनामधन्य साहित्यकारोँ ने अपनी सारस्वत प्रातिभसामर्थ्य से साहित्यजगत् को कृतकृत्य किया है। उसी शृंखला मे भारतेन्दु…
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