बारा प्रयागराज। तहसील से सटे गांव सेहुंडा में चल रही रामलीला में मंचन के दौरान जहां एक ओर रामचन्द्र जी के विवाहोपरांत अयोध्या में मंगलाचरण कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच महाराज दशरथ ने श्रीराम जी का राज्याभिषेक की घोषणा कर युवराज बनाना सुनिश्चित कर लिया। जैसे ही जानकारी महारानी कैकेई को हुई, वह ईश्वरीय विधान के अनुरूप भरत को अयोध्या का राजतिलक और रामचन्द्र को 14 वर्षों के बनवास का वरदान मांग लिया। कैकेई ने राम को वल्कल वस्त्र धारण कर जल्दी से जल्दी अवधपुरी छोड़ने का आदेश दिया।…
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