उमंग सिंघार ‘विश्व आदिवासी दिवस’ की सभी बहनों-भाइयों और युवाओं को जोहार! 9 अगस्त का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया में हमारे अस्तित्व, हमारी जीवंत संस्कृति और हमारे पुरखों के संघर्ष को याद करने का दिन है। मैं जब भी अपने जंगलों, पहाड़ों और अपनी माटी के बीच पहुँचता हूँ, तो मुझे एक अजीब सा सुकून मिलता है। यह वही माटी है जिसने हमें सह-अस्तित्व का पाठ पढ़ाया है। हम आदिवासी केवल प्रकृति के बीच रहते नहीं हैं, हम प्रकृति को जीते हैं। हमारी सोच,…
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