डॉ. विवेकानंद उपाध्याय वरिष्ठ स्तम्भकार (देवरिया) भारतीय ज्ञान-परंपरा में ज्योतिष केवल भविष्य जानने की जिज्ञासा का विषय नहीं रहा है। यह काल, प्रकृति, कर्म, मानव-जीवन और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के पारस्परिक संबंधों को समझने वाली एक विस्तृत ज्ञान-परंपरा है। ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार मिश्र की प्रस्तुत पुस्तक “ज्योतिष : जीवन पथ का विज्ञान” इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में ज्योतिष को देखने का प्रयास करती है। लेखक ने इस ग्रन्थ में ज्योतिष को भय, भाग्यवाद और अंधविश्वास से अलग करते हुए जीवन को समझने, समय को पहचानने और कर्म के प्रति सजग होने की…
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