(सरलता और संघर्ष की आयरन लेडी, जहाँ माँ का स्नेह, समाज की चेतना और स्त्री-संकल्प की प्रतिमूर्ति साथ-साथ चलती रही।) संतोष वशिष्ठ जी का जीवन संघर्ष और सरलता की अनोखी मिसाल है। उन्होंने रसोई से अपनी यात्रा शुरू की और दैनिक चेतना की संपादक बनकर समाज को दिशा दी। मृदुभाषी, सौम्य और आत्मीय, फिर भी सिद्धांतों पर अडिग—यही उनकी असली पहचान थी। वशिष्ठ सदन को उन्होंने राजनीति और समाज का केंद्र बनाया और चेतना परिवार को माँ की तरह सँभाला। वे सचमुच हरियाणा की ‘आयरन लेडी’ थीं, जिनकी स्मृतियाँ और…
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