-डॉ. सत्यवान सौरभ ऑस्ट्रेलिया को लंबे समय तक एक ऐसे बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र के रूप में देखा गया है, जहाँ विविध धार्मिक, नस्ली और सांस्कृतिक समुदायों ने अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का अनुभव किया। यहूदी समुदाय भी इस सामाजिक संरचना का एक सशक्त और सम्मानित हिस्सा रहा है। किंतु हाल के वर्षों में, विशेषकर 2023 के बाद, यहूदी संस्थानों, सभास्थलों और व्यक्तियों के विरुद्ध लक्षित हिंसा की घटनाओं में वृद्धि ने इस धारणा को गंभीर चुनौती दी है। आगज़नी, नफ़रत भरी ग्रैफिटी, धमकियाँ और हमलों की घटनाएँ केवल आपराधिक कृत्य नहीं हैं,…
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