एडवोकेट किशन सनमुखदास वैश्विक स्तरपर वर्ष 2026 में भारत एक ऐसे ऐतिहासिक परिवर्तनकाल से गुजर रहा है,जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजिटल अर्थव्यवस्था,साइबर सुरक्षा,हरित प्रौद्योगिकी और डेटा- आधारित शासन ने शिक्षा,रोजगार, उद्योग तथा प्रशासन की पारंपरिक संरचनाओं को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है।आज देश और विश्व में बड़ी संख्या में इंजीनियर, वकील, डॉक्टर,प्रबंधन विशेषज्ञ, तकनीकी पेशेवर तथा विभिन्न विषयों के स्नातक तैयार हो रहे हैं,लेकिन मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि डिग्री प्राप्त करने और रोजगार के लिए वास्तव में…
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