हर महिला को पता होना चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी ये बातें

पीरियड्स को लेकर महिलाओं के मन में ऐसे बहुत सवाल होते हैं, जो वह पूछने से कतराती हैं। यह महिलाओं में हर महीने होने वाला एक नॉर्मल बॉयोलॉलिजक प्रोसेस है। जोकि कंसीव के लिए जरूरी है। हालांकि हमारे समाज के कुछ हिस्सों में आज भी इसको एक टैबू के रूप में देखा जाता है। वहीं सवाल न पूछ पाने के कारण महिलाओं को खुद को पीरियड्स के बारे में सही जानकारी नहीं होती है। जैसे पैड कितने घंटे में बदलना चाहिए, इन दिनों में सुस्ती, थकान या चिड़चिड़ापन क्यों महसूस…

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28 दिनों से कम समय में पीरियड आना है खतरे की घंटी, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

पीरियड्स से जुड़े कई सवाल महिलाओं के मन में होते हैं और उनको परेशान करते हैं। अमूमन महिलाएं पीरियड्स लेट होने के कारण चिंतित रहती हैं। लेकिन समय से पहले पीरियड्स आने को नजरअंदाज कर देती हैं। एक्सपर्ट की मानें, तो पीरियड साइकिल 28 दिनों की होनी चाहिए। वहीं अगर पीरियड 28-35 दिनों के बीच आते हैं, तो यह नॉर्मल माना जाता है। वहीं 28 दिन से 1-2 दिन पहले पीरियड्स आना भी नॉर्मल होता है। लेकिन कई बार 21-22 दिनों में पीरियड्स आ जाते हैं। ऐसे में आज इस…

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होममेड उबटन से आएगा फेस पर जबरदस्त निखार, दुल्हन के लिए भी है बेस्ट

अक्सर महिलाएं पार्लर जाकर तरह-तरह के ट्रीटमेंट लेती हैं, जिससे कि वह खूबसूरत दिख सकें। लेकिन आप चाहें तो होम रेमेडीज की मदद से भी अपने चेहरे को सुंदर बना सकती हैं। वहीं कई बार रैशेज और पिंपल्स जैसी परेशानियां होने लगती हैं। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको एक खास उबटन के बारे में बताने जा रहे हैं। आप इस उबटन को घर पर भी तैयार कर सकते हैं। वहीं दुल्हन के लिए यह उबटन काफी फायदेमंद हो सकता है। ब्यूटी एक्सपर्ट…

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सिर्फ 5 रुपए की इस चीज से पसीने की बदबू होगी छूमंतर

गर्मियों में पसीने की समस्या का लगभग सभी को सामना करना पड़ता है। किसी-किसी को इतना ज्यादा पसीना आता है कि पूरे समय कपड़े पसीने से भीगे रहते हैं। ऐसे में पसीने के कारण शरीर से बदबू आना लाजमी है। शरीर से पसीने की बदबू आने से असहज लगता है। हालांकि मार्केट में बहुत सारे अच्छे परफ्यूम आते हैं, जो लंबे समय तक चलते हैं। लेकिन इनसे शरीर की बदबू नहीं जाती है। हालांकि परफ्यूम के कारण कपड़ों से अच्छी महक जरूर आने लग जाती है। अगर आप चाहते हैं…

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बेडरूम की खामोशी, बच्चों के बाद भारतीय कपल्स का रोमांस धुंधला क्यों जाता है?

भारतीय शादीशुदा ज़िंदगी में एक दिलचस्प लेकिन कम चर्चा किया गया पहलू है, अंतरंगता की कमी, खासकर बच्चों के जन्म के बाद। क्या आपने महसूस किया है कि जैसे ही ज़िंदगी में नन्हा मेहमान आता है, वैवाहिक रिश्तों की गर्मजोशी कहीं पीछे छूट जाती है? वो पहली वाली चिंगारी, रोमांस, और नज़दीकियां धीरे-धीरे धुंधली होने लगती हैं। लेकिन आखिर क्यों? क्या पेरेंटिंग की ज़िम्मेदारियां इतना कुछ ले लेती हैं कि पति-पत्नी के बीच की केमिस्ट्री खो जाती है? या फिर हम भारतीय समाज में इस विषय पर बात ही नहीं…

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बीमारियों को मैनेज करने में रामबाण की तरह काम करता है लौकी का जूस

कहते हैं पहला सुख निरोगी काया। लेकिन हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी होता है कि आप अपनी डाइट पर खास ध्यान दिया जाए। ऐसी कई सब्जियां होती हैं, जिन्हें डाइट में शामिल करना सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इन्हीं में से एक है लौकी। जिसे आप बतौर जूस ले सकते हैं। अगर सुबह खाली पेट इसका एक गिलास पिया जाए तो इससे ना केवल शरीर अच्छे से डिटॉक्स होता है, बल्कि पाचन सुधरता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं खुद ब खुद ही ठीक हो…

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धर्मशाला और मैक्लोडगंज पर्यटन: तिब्बती संस्कृति और हिमालयी सौंदर्य का अद्भुत संगम

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित धर्मशाला और मैक्लोडगंज उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं। ये स्थान न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और बर्फ से ढकी पहाड़ियों के लिए जाने जाते हैं, बल्कि तिब्बती संस्कृति, बौद्ध धर्म और अध्यात्मिकता के प्रमुख केंद्र भी हैं। धर्मशाला को ‘छोटा ल्हासा’ भी कहा जाता है क्योंकि यह तिब्बती शरणार्थियों का प्रमुख निवास स्थान है। धर्मशाला: शांत वादियों में बसा आध्यात्मिक केंद्र धर्मशाला दो भागों में बँटा हुआ है — अपर धर्मशाला (मैक्लोडगंज) और लोअर धर्मशाला।…

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धर्मशाला और मैक्लोडगंज पर्यटन: तिब्बती संस्कृति और हिमालयी सौंदर्य का अद्भुत संगम

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित धर्मशाला और मैक्लोडगंज उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं। ये स्थान न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और बर्फ से ढकी पहाड़ियों के लिए जाने जाते हैं, बल्कि तिब्बती संस्कृति, बौद्ध धर्म और अध्यात्मिकता के प्रमुख केंद्र भी हैं। धर्मशाला को ‘छोटा ल्हासा’ भी कहा जाता है क्योंकि यह तिब्बती शरणार्थियों का प्रमुख निवास स्थान है। धर्मशाला: शांत वादियों में बसा आध्यात्मिक केंद्र धर्मशाला दो भागों में बँटा हुआ है — अपर धर्मशाला (मैक्लोडगंज) और लोअर धर्मशाला।…

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जून में 1 दिन की छुट्टी लेकर 4 दिन के लिए प्लान करें ट्रिप

घूमने-फिरने का शौक आखिर किसे नहीं होता है। ऐसे में जब भी लोगों को समय मिलता है, तो वह बैग पैक करके अपनी पसंदीदा जगह पर घूमने और मौज-मस्ती करने के लिए पहुंच जाते हैं। हालांकि कामकाज करने वाले लोगों को ट्रिप प्लान करने के लिए लंबी छुट्टियों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप भी घूमने जाने का प्लान कर रहे हैं, तो जून के पहले सप्ताह में घूमने के लिए जा सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं…

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शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और औपनिवेशिक विरासत का अद्भुत संगम है डलहौज़ी

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित डलहौज़ी एक सुंदर और शांत पहाड़ी स्थल है, जो अपनी ठंडी जलवायु, हरे-भरे देवदार के जंगलों, और औपनिवेशिक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। समुद्र तल से लगभग 1,970 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह शहर 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौज़ी द्वारा स्थापित किया गया था और आज भी अपने ब्रिटिश युग की विरासत को सहेजे हुए है। डलहौज़ी की विशेषताएँ डलहौज़ी एक ऐसा स्थल है जहाँ प्राकृतिक सुंदरता, इतिहास और शांति का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है। यहाँ की…

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