भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर संजीव पालीवाल सर और मीनाक्षी चौधरी जी द्वारा लिखित “सम्पा” किताब मुझे तीन दिन पहले ही मिली और तीन ही दिन में पढ़ भी डाली। ये पहली किताब है जिसे मैंने इतने कम समय में पढ़ डाली जिसका कारण शानदार लेखन के साथ-साथ विषय वस्तु भी आकर्षक है। दो मंझे हुए लेखकों के कर कमल से लिखी गई सच्ची कहानी पर आधारित ये किताब वो दस्तावेज है जो समाज और नेताओं की नियत पर सैंकड़ो सवाल खड़े करती है। ज़्यादातर मैं प्रेम कहानी या अपराध आधारित…
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