भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी रुद्राक्ष की उत्पत्ति

सनातन धर्म में रुद्राक्ष को बहुत पवित्र माना जाता है। रुद्राक्ष का संबंध भगवान शिव से माना जाता है। बताया जाता है कि भगवान शिव के आंसुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई है। धार्मिक मान्यता है कि रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को अपने जीवन में अनगिनत लाभ देखने को मिलते हैं। लेकिन सभी लोगों को रुद्राक्ष धारण करने से बचना चाहिए। ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए बताने जा रहे हैं कि किन लोगों को रुद्राक्ष नहीं धारण करना चाहिए। वरना इसको पहनने से व्यक्ति…

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होली के त्योहार पर भूलकर भी न करें इन चीजों का दान, होगा नुकसान

होली का त्योहार पूरे भारत में  मनाया जाता है,जो खुशियों और रंगों का उत्सव है। होली पूरे देश में बड़े उल्लास और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली का त्योहार फाल्गुन महीने के पूर्णिमा को मनाया जाता है, जिसे ‘रंगों का त्योहार’ के रूप में भी जाना जाता है। वहीं होली के दिन रंग और गुलाल खेलने के साथ-साथ दान-पुण्य करना भी काफी अहम माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि होली में कुछ ज्योतिष उपाय करने से जीवन में समृद्धि आती है। वहीं कुछ चीजों का दान…

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ईशान कोण दिशा में होता है देवताओं का वास, जानिए इस दिशा से जुड़ी कुछ अहम बातें

पुराने समय से ही दिशाओं को ग्रहों के प्रभाव और ऊर्जा के प्रभाव से जोड़ा जाता रहा है। हर दिशा का अपना प्रभाव होता है। जो हमारे जीवन पर निगेटिव या पॉजिटव असर डालता है। वास्तु शास्त्र में भी दिशाओं का बहुत महत्व माना जाता है। बता दें कि वास्तु में उत्तर-पूर्व के बीच की दिशा को ईशान कोण दिशा कहा जाता है। इस दिशा को घर में सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। ईशान कोण दिशा में ईश्वर का वास माना जाता है। इसलिए हमेशा इस दिशा को साफ-सुथरा…

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मछुआरे नहीं बल्कि राजा की पुत्री थीं भीष्म पितामह की सौतेली मां सत्यवती

महाभारत की कई कथाओं के बारे में तो हम सभी ने सुना है। लेकिन कई कथाएं ऐसी भी हैं, जो व्यक्ति को चकित कर सकती हैं। महाभारत काल में महाराज शांतनु की दूसरी पत्नी का नाम सत्यवती थी। ऐसे में आज हम आपको सत्यवती के जन्म की कथा के बारे में बताने जा रहे हैं। यह कथा बहुत रोचक है। क्योंकि अधिकतर लोग सत्यवती को मछुआरे के मुखिया दासा की पुत्री के रूप में जानते हैं। लेकिन असल में रानी सत्यवती मछुआरे की नहीं बल्कि एक राजा की पुत्री थीं।…

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इस दिशा में मुख करके करना चाहिए गायत्री मंत्र का जाप

हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र को बहुत विशेष माना गया है। वहीं कलियुग में मन को शांत करने के लिए गायत्री मंत्र के जाप को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मंत्र को काफी शक्तिशाली और पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गायत्री मंत्र का जाप करने से न सिर्फ मन को शांति मिलती है बल्कि इससे आत्मा को भी शुद्धि मिलती है। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के दिल और दिमाग दोनों को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़े रखता है। वहीं गायत्री मंत्र का जाप करने…

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कब है आमलकी एकादशी? इस दिन करें यह खास स्तोत्र का जाप, सभी समस्याओं से मिलेगी मुक्ति

फाल्गुन माह को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय महीना माना जाता है। फाल्गुन माह में कई पर्व आते है जो जीवन में उत्साह लेकर आते है। वैसे तो साल में कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती है। इन्हीं में से एक फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी के नाम से जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का भी विधान है। आइए आपको बताते हैं फाल्गुन माह में कब मनाई जाएगी आमलकी एकादशी। इस दिन अगर आप भगवान विष्णु…

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बहुत भाग्यशाली लोगों की हथेली में बनता है ये शुभ शंख योग

हस्तरेखा विज्ञान में व्यक्ति की हथेली की रेखाओं, उंगलियों, नाखूनों और हथेली के आकार से उसके स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, भविष्य और भाग्य यहां तक की करियर के बारे में भी जाना जा सकता है। हस्तरेखा शास्त्र ज्योतिष की एक प्राचीन शाखा है। हथेली की प्रमुख रेखाएं जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे करियर, विवाह और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देता है। हथेली की रेखाओं के अलावा चिन्ह भी भविष्य के बारे में जानकारी देते हैं। पर्वत का मतलब हथेली के अलग-अलग उभरे हुए हिस्सों से हैं।हथेलियों पर बने पर्वतों को सूर्य,…

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रमजान का पवित्र महीना कब से शुरू होगा? जानिए इसका इतिहास और रीति-रिवाज

रमजान इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र महीना है। यह इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने में आता है। इस साल रमजान का महीना एक मार्च से शुरू हो रहा है। रमजान के दौरान मुसलमान उपवास रखते हैं, चिंतन करते हैं और अल्लाह से प्रार्थना करते हैं। रमजान का महीना इस्लाम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरान पैगंबर मोहम्मद पर प्रकट हुई थी। आइए रमजान के इतिहास, महत्व और अन्य बातों के बारे में जानते हैं। इस्लाम की शुरुआत कब हुई? इस्लाम की…

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सीता स्वयंवर में शिव धनुष क्यों नहीं उठा पाया था रावण, जानिए क्या था इसका कारण

देवर्षि नारद ने सबसे पहले रामायण वाल्मीकि जी को सुनाई थी। धार्मिक मान्यता है कि रामायण सुनने के बाद वाल्मीकि जी का हृदय परिवर्तन हुआ, जिसके बाद उन्होंने धार्मिक ग्रंथ रामायण की रचना की थी। बता दें कि रामायण में सात कांड हैं, जिनका विशेष महत्व है। वहीं बालकांड में सीता स्वयंवर का उल्लेख किया गया है। रामायण के मुताबिक मां सीता के लिए वर का चयन करने के लिए राजा जनक ने स्वयंवर का आयोजन किया था। इस स्वयंवर में एक शर्त रखी गई थी कि जो भी व्यक्ति…

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शुक्रवार व्रत में जरूर पढ़नी चाहिए संतोषी मां व्रत कथा, जानिए महत्व

हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना जाता है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी और मां संतोषी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन मां संतोषी की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां संतोषी की पूजा मुख्य रूप से शुक्रवार को की जाती है। इस दिन व्रत रखने, मां की पूजा करने और व्रत कथा पढ़ने से जातक की हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मां संतोषी से जुड़ी व्रत…

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