पीरियड्स को लेकर महिलाओं के मन में ऐसे बहुत सवाल होते हैं, जो वह पूछने से कतराती हैं। यह महिलाओं में हर महीने होने वाला एक नॉर्मल बॉयोलॉलिजक प्रोसेस है। जोकि कंसीव के लिए जरूरी है। हालांकि हमारे समाज के कुछ हिस्सों में आज भी इसको एक टैबू के रूप में देखा जाता है। वहीं सवाल न पूछ पाने के कारण महिलाओं को खुद को पीरियड्स के बारे में सही जानकारी नहीं होती है। जैसे पैड कितने घंटे में बदलना चाहिए, इन दिनों में सुस्ती, थकान या चिड़चिड़ापन क्यों महसूस…
![]()
