भारतीय रुपये में इस साल लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वर्ष की शुरुआत से अब तक रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले छह प्रतिशत से अधिक कमजोर हो चुका है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से रुपये को सहारा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए, लेकिन उनका असर अभी तक सीमित ही दिखाई दिया है। विशेषज्ञों का मानना है बता दें कि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के उद्देश्य से कई नई घोषणाएं की थीं। इनमें विदेशी मुद्रा अनिवासी…
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