समय कम है, 80/20 नियम बनाएगा सफल
इस परीक्षा में कुल 100 प्रश्न होते हैं, जिन्हें 90 मिनट में हल करना होता है। इनमें सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न), गणित (30 प्रश्न) और रीजनिंग (30 प्रश्न) शामिल हैं। अंतिम बचे कुछ दिनों में संपूर्ण पाठ्यक्रम को दोहरा पाना संभव नहीं, लेकिन 80/20 नियम के अनुसार 20% महत्वपूर्ण टॉपिक्स 80% अंक दिला सकते हैं। इस सिद्धांत का प्रयोग कर छात्र उन टॉपिक्स पर ध्यान दें, जिनसे परीक्षा में बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
तैयारी के सिद्धांत
इस अवधि में संज्ञानात्मक भार सिद्धांत अत्यंत उपयोगी होता है। इसके अनुसार, दिमाग सीमित समय में सीमित जानकारी ही प्रभावी रूप से ग्रहण कर सकता है। अतः एक बार में एक ही विषय पर ध्यान केंद्रित करें। इसी प्रकार आत्म-प्रभावकारिता सिद्धांत के अनुसार, जब आपको अपने प्रयासों में सफलता की उम्मीद अधिक होती है, तब आपका दिमाग अधित प्रयास करने लगता है। लक्ष्य निर्धारण सिद्धांत भी इस समय लागू होता है। प्रत्येक दिन एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, जैसे-एक मॉक टेस्ट, 50 जीएस के प्रश्न, दो कमजोर टॉपिक्स का रिवीजन और अंत में उसका आत्ममूल्यांकन करें।
संदेह वाले प्रश्न
पहले से ही मॉक टेस्ट से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट इंटरफेस की आदत बना लें। इससे वास्तविक परीक्षा में घबराहट नहीं होगी। तीन स्तरों में प्रश्न हल करें, जैसे-वे प्रश्न जिन्हें आप 100% जानते हैं, फिर जो 70% तक सुनिश्चित हैं और अंत में संदेह वाले प्रश्न हल करें, इससे आपका समय बचता है। इस परीक्षा में नकारात्मक अंकन का भी प्रावधान है। इसलिए बिना सोचे-समझे अनुमान न लगाएं।
नींद जरूरी है
नींद की अनदेखी सबसे बड़ी भूल होती है। नींद समेकन सिद्धांत के अनुसार, नींद से याद करने की क्षमता तेज होती है। इसलिए कम से कम छह से सात घंटे की नींद जरूर लें।
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