गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गठित हो रही एंटी रैगिंग कमेटी में युवा चेतना समिति को भी शामिल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के नियंता एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट कार्यालय ने समिति के अध्यक्ष मांधाता सिंह को पत्र भेजकर स्वयं अथवा अपने किसी प्रतिनिधि का नाम प्रस्तावित करने को कहा है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रैगिंग जैसी अमानवीय और भयावह कुप्रथा की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए शासन तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देशों के क्रम में एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया जाना है। इसी प्रक्रिया के तहत युवा चेतना समिति से भी सहभागिता मांगी गई है। इस क्रम में युवा चेतना समिति के अध्यक्ष मांधाता सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह से मुलाकात की। दोनों के बीच छात्रहित, युवा जागरूकता, सामाजिक सरोकारों और शैक्षणिक वातावरण को अधिक सकारात्मक एवं संवेदनशील बनाने को लेकर चर्चा हुई।मांधाता सिंह ने कुलपति को युवा चेतना समिति की गतिविधियों तथा सामाजिक, शैक्षणिक और वैचारिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी और मुख्य संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन देने का आग्रह किया, जिस पर कुलपति ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। मांधाता सिंह ने कहा कि रैगिंग की रोकथाम के लिए केवल नियम और कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के बीच संवाद, संवेदनशीलता और परस्पर सम्मान की भावना विकसित करना भी जरूरी है। युवा चेतना समिति विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर छात्रहित और जागरूकता के कार्यक्रमों में सहयोग के लिए तैयार है।

रायबरेली, 19 सितम्बर 2026
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत जनपद में संचालित निजी एवं राजकीय प्रशिक्षण प्रदाताओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन विवेक कुमार तिवारी ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की वित्तीय वर्षवार प्रगति की जानकारी दी। इस दौरान स्टेट स्किल डेवलपमेंट फण्ड (एसएसडीएफ), प्रोजेक्ट प्रवीण एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाई) की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने राजकीय एवं अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में संचालित प्रोजेक्ट प्रवीण योजना की विद्यालयवार जानकारी लेते हुए निर्धारित कौशल विकास कक्षाओं का नियमित रूप से संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसडीएफ योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रशिक्षणार्थियों का मूल्यांकन कराए जाने के लिए शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जनपद में स्थापित राजकीय आईटीआई में प्रवेशित अभ्यर्थियों की स्थिति की समीक्षा की गई। नेशनल अप्रेन्टिशिप प्रमोशन स्कीम के अन्तर्गत 29 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली सभी इकाइयों को योजना से जोड़कर अधिक से अधिक युवाओं को अप्रेन्टिशिप का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने इण्डिया स्किल कॉम्पटीशन-2026 के अन्तर्गत आईटीआई, पालीटेक्निक, फिरोज गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) सहित अन्य तकनीकी संस्थानों को अधिक से अधिक कुशल अभ्यर्थियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए, ताकि जनपद के युवा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
बैठक में राजकीय एवं निजी प्रशिक्षण प्रदाता, राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य, जिला सेवायोजन अधिकारी, पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य, निफ्ट के पदाधिकारी, एमआईएस प्रबंधक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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