खराब न्याय व्यवस्था में फंसी वह अपनी आज़ादी, सम्मान और उम्मीद खो देती है। हालांकि, उसकी ज़िंदगी तब बदलने लगती है जब उसकी दोस्ती एक निडर कैदी से होती है, जो उसे हालात के आगे घुटने टेकने के बजाय अपनी आवाज़ उठाने और लड़ने के लिए प्रेरित करती है।
फिल्म के बारे में बात करते हुए गौहर खान ने ‘इंडिया टुडे’ से कहा, “जिस चीज़ ने मुझे ‘इकरूप’ की ओर आकर्षित किया, वह थी इसकी इमोशनल ईमानदारी और जिस तरह से यह कहानी कहने के पारंपरिक तरीकों को चुनौती देती है। यह फिल्म हिम्मत, मज़बूती और उस असाधारण ताकत के बारे में है जो सबसे मुश्किल हालात से भी निकल सकती है।”
उन्होंने आगे कहा, “जो बात इसे खास बनाती है, वह यह है कि यह अपने किरदारों के लिए सहानुभूति नहीं मांगती, बल्कि उनके जज़्बे, उनके अपने फैसले लेने की क्षमता और अपनी यात्रा को नए सिरे से तय करने की उनकी काबिलियत का जश्न मनाती है। एक ऐसी कहानी का हिस्सा बनना जो दमदार और इंसानी जज़्बातों से भरी हो, बहुत खास रहा है, और मैं दर्शकों द्वारा इसे देखने का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं।”
फिल्म में अहम भूमिका निभाने वालीं मिथिला पालकर आखिरी बार डायरेक्टर प्रियदर्शन की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ (2026) में नज़र आई थीं। इस फिल्म में अक्षय कुमार, परेश रावल, जिस्शु सेनगुप्ता, राजपाल यादव, तब्बू, वामिका गब्बी और असरानी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में थे।
मिथिला नेटफ्लिक्स सीरीज़ ‘सुपर सुब्बू’ (2026) में भी नज़र आई थीं, जिसमें संदीप किशन और मुरली शर्मा अहम किरदारों में थे।
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