नन्हे कदम

नन्हे-नन्हे पाँव से,
छू लेगा आकाश।
मेहनत, सच्चाई, प्रेम से,
होगा जग में खास॥
मधुर वचन, निर्मल हृदय,
रखे सदा मुस्कान।
माता-पिता का मान कर,
पाए सच्चा मान॥
ज्ञान-दीप मन में जले,
बढ़े सदा विश्वास।
संस्कारों की छाँव में,
महके जीवन-श्वास॥
हँसता बचपन फूल-सा,
मन निर्मल निष्काम।
ऐसे बच्चों से सजे,
भारत का हर धाम॥
— डॉ. प्रियंका सौरभ
  (डॉ. प्रियंका सौरभ, पीएचडी (राजनीति विज्ञान), कवयित्री एवं सामाजिक चिंतक हैं।)

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