निरीक्षण के दौरान महाप्रबन्धक श्री बोरवणकर ने गोरखपुर कैन्ट-वाल्मिकीनगर दोहरीकरण परियोजना के प्रथम चरण में गोरखपुर कैन्ट-कप्तानगंज खंड के दोहरीकरण कार्य एवं मध्यवर्ती स्टेशनों पर दोहरीकरण के अनुरूप सुधार एवं विकास कार्यों तथा संरक्षा का गहन निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने अपने निरीक्षण का आरंभ गोरखपुर कैंट-उनौला स्टेशनों के मध्य किमी सं-386/11-10 पर स्थित ब्रिज संख्या-02 के गहन निरीक्षण के साथ किया। उन्होंने ब्रिज सं-2 के कांक्रीट स्लैब की गुणवत्ता और फाउन्डेशन की जाँच की । इसके पश्चात उन्होंने पिपराइच-बोदरवार स्टेशनों के मध्य किमी सं-367/10-9 पर स्थित नान-इंटरलॉक समपार संख्या-11 सी का निरीक्षण कर संरक्षा के सभी मानदंडों को परखा। महाप्रबंधक ने बोदरवार-कप्तानगंज स्टेशनों के मध्य किमी सं-362 पर निर्माणाधीन एल.एच.एस. का निरीक्षण किया और आर सी सी बॉक्स की गुणवत्ता परखी। इसके बाद उन्होंने कप्तानगंज जं. स्टेशन यार्ड में किमी सं-357/22-20 पर स्थित इंटरलॉक समपार संख्या 16सी का गहन निरीक्षण किया एवं गेटमैन शुभेन्द्र नाथ मिश्रा का संरक्षा ज्ञान परखा।
महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किये जा रहे कप्तानगंज जं. स्टेशन का निरीक्षण कर यहाँ पर चल रहे विकास कार्याे के प्रगति की समीक्षा की तथा सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने का निर्देश दिया । यहाँ उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल बैरक का निरीक्षण कर रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को उपलब्ध कराई जा रही सुख-सुविधाओं यथा-विश्राम हेतु बेड्स, भोजनालय, प्रसाधन आदि का जायजा लेने के साथ ही कप्तानगंज जं0 स्टेशन के स्टेशन पैनल एवं संरक्षा उपकरणों का निरीक्षण कर संरक्षित परिचालनिक सुविधाओं का संज्ञान लिया।
महाप्रबंधक ने घुघली रेलवे स्टेशन पर दोहरीकरण के अनुरूप नये यार्ड प्लान के अंतर्गत किये जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और सम्बंधित को दिशा निर्देश दिया । निरीक्षण के अंत में महाप्रबंधक ने पनियहवा स्टेशन पर दोहरीकरण के अनुरूप निर्मित यार्ड प्लान का अवलोकन किया और नये प्लान के अंतर्गत किये जा रहे सुधार कार्यों का निरीक्षण कर सम्बंधित को दिशा निर्देश दिया ।
इसके पश्चात महाप्रबंधक, पूर्वाेत्तर रेलवे श्री उदय बोरवणकर अपनी निरीक्षण स्पेशल से पनियहवा-वाल्मिकी नगर स्टेशन के मध्य गंडक नदी पर बने रेल पुल का संरक्षा निरीक्षण किया।
ज्ञातव्य हो की दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत गोरखपुर कैन्ट-वाल्मिकीनगर (95.95 किमी) दोहरीकरण का कार्य 05 चरणों में पूर्ण किया जायेगा। इस परियोजना के पूरा होने से लाइन क्षमता में वृद्धि होने के साथ ही जन आकांक्षाओं के अनुरूप अधिक गाड़ियों का संचलन हो सकेगा।
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