7, लोक कल्याण मार्ग (एलकेएम) स्थित अपने कार्यालय में हुई इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने सीईओ से भारत को वैश्विक एआई प्रयासों के लिए एक ‘उपयुक्त केंद्र’ बनाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है और इसे एआई के क्षेत्र में भी दोहराया जा सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि पीएम मोदी ने डेटा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी अपील की कि भारत में एआई इकोसिस्टम देश के चरित्र और मूल्यों को प्रतिबिंबित करे, साथ ही एआई कौशल विकास और प्रतिभा निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
पीएमओ ने कहा कि आगामी एआई इम्पैक्ट समिट के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सभी व्यक्तियों और कंपनियों को नए अवसरों का पता लगाने और विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए इस समिट का लाभ उठाना चाहिए। पीएमओ ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के पास विशालता, विविधता और लोकतंत्र का अनूठा संयोजन है, जिसके कारण दुनिया भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे पर भरोसा करती है।
पीएमओ ने कहा कि सभी के लिए एआई’ के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपनी प्रौद्योगिकी से प्रभाव पैदा करने के साथ-साथ दुनिया को प्रेरित करने की भी आवश्यकता है। इस उच्चस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में विप्रो, टीसीएस, एचसीएल टेक, जोहो कॉर्पोरेशन, एलटीआई माइंडट्री, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, अदानीकॉनेक्स, एनएक्सट्रा डेटा और नेटवेब टेक्नोलॉजीज सहित एआई क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के सीईओ ने भाग लिया। इनके अलावा, IIIT हैदराबाद, IIT मद्रास और IIT बॉम्बे के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी बैठक में शामिल हुए।
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