कुवैत में रातोंरात हजारों लोगों को अपनी नागरिकता गंवानी पड़ी है। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। लोग जव सुवह सोकर उठे तो किसी का बैंक अकाउंट बंद हो गया तो किसी की अन्य सरकारी सुविधाएं ठप हो गईं। जव पता किया तो पता चला कि उनकी नागरिकता ही खत्म हो गई है। 37 हजार लोगों की नागरिकता अगस्त के बाद से जा चुकी है। इनमें 26 हजार महिलाएं ही हैं। मई 2024 में ही वहां के अमीर ने लोकतंत्र को खतरा वताया था और संविधान में संशोधन करने की घोषणा कर…
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