रोहिणी नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में चौथा नक्षत्र है। यह वृषभ राशि के 10 डिग्री 00 मिनट से 23 डिग्री 20 मिनट तक फैला हुआ है। ‘रोहिणी’ शब्द का अर्थ है ‘लाल’ या ‘बढ़ना’, जो विकास और समृद्धि को दर्शाता है। इसका प्रतीक एक बैलगाड़ी है, जो यात्रा, परिवहन और प्रचुरता का प्रतीक है। इस नक्षत्र के देवता ब्रह्मा जी हैं, जो सृजन के देवता हैं। यह नक्षत्र सुंदरता, कला, संवेदनशीलता और पोषण से जुड़ा होता है। ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र को शुभता, सौंदर्य और पोषण का…
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