रोहिणी नक्षत्र का महत्व, जानें इसमें जन्में जातकों का स्वभाव, गुण और भविष्य

रोहिणी नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में चौथा नक्षत्र है। यह वृषभ राशि के 10 डिग्री 00 मिनट से 23 डिग्री 20 मिनट तक फैला हुआ है। ‘रोहिणी’ शब्द का अर्थ है ‘लाल’ या ‘बढ़ना’, जो विकास और समृद्धि को दर्शाता है। इसका प्रतीक एक बैलगाड़ी है, जो यात्रा, परिवहन और प्रचुरता का प्रतीक है। इस नक्षत्र के देवता ब्रह्मा जी हैं, जो सृजन के देवता हैं। यह नक्षत्र सुंदरता, कला, संवेदनशीलता और पोषण से जुड़ा होता है। ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र को शुभता, सौंदर्य और पोषण का…

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मूलांक 6 वालों के करियर और कारोबार में होगी वृद्धि

अंक ज्योतिष के मुताबिक साल 2025 में मंगल ग्रह का खास प्रभाव रहेगा। साल 2025 का मूलांक 9 है और इसके स्वामी ग्रह मंगल है। इसलिए साल 2025 में मिले-जुले बदलाव देखने को मिलेंगे। अंक ज्योतिष की गणना करें, तो मूलांक 6 वालों के लिए साल 2025 व्यापार के मामले में काफी अच्छा रहेगा। अंक ज्योतिष के हिसाब से किसी महीने की 6, 15 या फिर 24 तारीफ को पैदा हुए हैं, तो इन लोगों का मूलांक 6 होगा। मूलांक 6 के स्वामी ग्रह शुक्र है। शुक्र को धन, प्रेम,…

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देवी पार्वती की ऐसी कौन सी जिज्ञासा थी जिस पर भगवान शंकर को क्रोध नहीं आया?

मुनि भारद्वाज जी को श्रीराम जी की कथा श्रवण करने का अत्यंत उत्साह है। मुनि याज्ञवल्क्य जी, भगवान शंकर के प्रसंगों के माध्यम से ही, उन्हें श्रीराम जी की कथा सुनानी आरम्भ करते हैं। वे कहते हैं, कि एक समय कैलाश पर्वत पर भगवान शंकर और माता पार्वती दोनों अत्यंत ही सुंदर व मनोहर वातावरण में बैठे थे। भगवान शंकर को अपने पर अपार स्नेहयुक्त भावों से सरोबार देख, माता पार्वती ने कहा- ‘जौं मो पर प्रसन्न सुखरासी। जानिअ सत्य मोहि निज दासी।। तौ प्रभु हरहु मोर अग्याना। कहि रघुनाथ…

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शुरू हुआ सावन का पावन महीना, इन नियमों का पालन कर पाएं शिव का आशीर्वाद

सावन का महीना शुरू हो गया है! 11 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाला यह महीना वह समय है जब प्रकृति अपने पूरे यौवन पर होती है, चारों ओर हरियाली छाई रहती है और रिमझिम बारिश की बूंदें मन को शांति प्रदान करती हैं। हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है, खासकर भगवान शिव के भक्तों के लिए। यह महीना भगवान शिव को समर्पित है और माना जाता है कि इस दौरान उनकी पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन में शिव पूजा और…

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10 जुलाई को मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा का पर्व

आषाढ़ मास की पूर्णिमा 10 जुलाई को है। इस तिथि पर गुरु पूजा का महापर्व गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। आम इंसान ही नहीं, भगवान ने भी गुरु से ज्ञान प्राप्त किया है। गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की जन्म तिथि है। वेदव्यास ने वेदों का संपादन किया। 18 मुख्य पुराणों के साथ ही महाभारत, श्रीमद् भागवत कथा जैसे ग्रंथों की रचना की थी। श्रीराम ने ऋषि वशिष्ठ और विश्वामित्र से ज्ञान प्राप्त किया, श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि थे। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास…

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पांडवों से जुड़ा है केदारनाथ मंदिर का इतिहास, जानिए क्या है पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में केदारनाथ धाम का बहुत महत्व माना जाता है। इसको 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना गया है। केदारनाथ धाम को भगवान शिव का निवास स्थान भी माना जाता है। धार्मिक पुराणों के मुताबिक महादेव हर समय केदारनाथ धाम में विराजमान रहते हैं। इसलिए हर साल हजारों की संख्या में भक्त केदारनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से केदारनाथ धाम मंदिर में जाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस पवित्र धाम को लेकर कई कथाएं हैं। लेकिन महाभारत में भी…

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सावन शुरू होने से पहले घर से जरूर हटा दें ये चीजें

सावन का महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी बचे हैं। इस बार 11 जुलाई से सावन का महीना शुरू होगा। ऐसे में आपको भी इसकी तैयारी शुरूकर देनी चाहिए। सबसे पहले तो घर के सभी दिशाओं की साफ-सफाई शुरूकर देना चाहिए। अपने घर से फालतू का सामान हटा दें। श्रावण माह भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में घर में भगवान शिव की पूजा करने से घर में नई ऊर्जा का संचार होता है। वहीं अगर आपके घर में फालतू का सामान रखा होगा, तो इस…

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4 जुलाई को विवाह, मुंडन, पूजा-पाठ के लिए अबूझ मुहूर्त

सनातन धर्म में भडल्या नवमी का विशेष महत्व है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। आसान शब्दों मंए कहें तो भडल्या नवमी पर बिना किसी ज्योतिषीय सलाह के सभी प्रकार के शुभ कार्य कर सकते हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 3 जुलाई को दोपहर में 2:07 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 4 जुलाई को शाम 4:33 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 4 जुलाई को भडल्या…

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जगन्नाथ यात्रा में नहीं हो पा रहे शामिल तो घर पर ऐसे करें पूजा

जगन्नाथ रथ यात्रा एक बहुत ही पवित्र और भक्तिमय पर्व है। जिसमें हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। साल 2025 की रथ यात्रा की शुरूआत 27 जून से शुरू हो चुकी है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल होते हैं और आध्यात्मिक लाभ पाते हैं। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि लोगों के लिए सामाजिक एकता और उत्सव का भी प्रतीक है। वहीं कुछ कारणों की वजह…

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बुधवार को रोजाना करें गणेश चालीसा का पाठ, दूर होंगी जीवन में आने वाली बाधाएं

भगवान शिव और मां गौरी के पुत्र गणेश जी सभी देवों में प्रथम पूजनीय माने जाते हैं। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य की शुरूआत से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, क्योंकि यह अपने भक्तों के सभी विघ्नों को दूर करते हैं। भगवान गणेश की पूजा करने से जातक को सभी तरह के सुखों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि जहां पर भगवान श्रीगणेश का वास होता है, वहां पर रिद्ध-सिद्धि और शुभ-लाभ का भी वास होता है। धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक भगवान गणेश…

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