Nag Panchami 2025: घर लाएं सुख-समृद्धि, जानें पूजन की सही विधि और शुभ मुहूर्त!

नागपंचमी का पर्व श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। नागपंचमी विशेष रूप से नागों (साँपों) की पूजा का पर्व है, जो हिन्दू धर्म में भूमि के रक्षक, कुंडलिनी ऊर्जा के प्रतीक और भगवान शिव व विष्णु के सहचर माने जाते हैं। नागपंचमी न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह पर्यावरण और जीव संरक्षण की एक प्राचीन भारतीय चेतना का भी प्रतीक है। यह पर्व हमें यह सिखाता है कि प्रकृति के हर जीव के साथ संतुलन और सम्मान का व्यवहार आवश्यक है। नागपंचमी…

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गुरुवार को इन उपायों को करने से चमक जाएगी किस्मत, आर्थिक स्थिति भी होगी ठीक

हिंदू धर्म में हर दिन का अपना खास महत्व होता है। जिनमें से गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं गुरुवार का व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक शास्त्रों में गुरुवार के कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को करने से जातक को जीवन में आने वाली समस्याओं से निजात मिलता है। ऐसे में अगर आप भी पैसों की तंगी से परेशान हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको…

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नारी की आस्था, प्रेम और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम हरियाली तीज

भारतीय संस्कृति में श्रावण मास का विशेष महत्व है और इसी महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है हरियाली तीज। यह पर्व विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो पति की लंबी उम्र, वैवाहिक सुख और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन धरती पर हरियाली छा जाती है, झूले पड़ते हैं, लोक गीत गाए जाते हैं और वातावरण भक्तिभाव व उल्लास से भर जाता है। देखा जाये तो हरियाली तीज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि…

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रामचरितमानस- जानिये भाग-27 में क्या क्या हुआ

श्री रामचन्द्राय नम: पुण्यं पापहरं सदा शिवकरं विज्ञानभक्तिप्रदं मायामोहमलापहं सुविमलं प्रेमाम्बुपूरं शुभम्। श्रीमद्रामचरित्रमानसमिदं भक्त्यावगाहन्ति ये ते संसारपतङ्गघोरकिरणैर्दह्यन्ति नो मानवाः॥   कहि अस ब्रह्मभवन मुनि गयऊ। आगिल चरित सुनहु जस भयऊ॥ पतिहि एकांत पाइ कह मैना। नाथ न मैं समुझे मुनि बैना॥   भावार्थ:-यों कहकर नारद मुनि ब्रह्मलोक को चले गए। अब आगे जो चरित्र हुआ उसे सुनो। पति को एकान्त में पाकर मैना ने कहा- हे नाथ! मैंने मुनि के वचनों का अर्थ नहीं समझा॥   जौं घरु बरु कुलु होइ अनूपा। करिअ बिबाहु सुता अनुरूपा॥ न त कन्या बरु…

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कुंभ राशि वालों को साल 2025 में मिलेंगे सकारात्मक परिणाम

कुंभ राशि के लिए साल 2025 में ऐस आफ वांड्स और किंग आफ वांड्स का टैरो कार्ड दर्शाता है। इससे इन जातकों पर दबाव की कमी होगी और नीति-नियमों के पालन पर फोकस बनाए रखेंगे। इस साल कुंभ राशि के जातकों को स्वार्थी और संकीर्ण सोच से उबरने में सहायता मिलेगी। सकारात्मक लोगों का साथ मिलेगा और करियर व व्यापार में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आत्मविश्वास से लक्ष्य को भेदने में सहायता मिलेगी। कामकाज में आने वाली अड़चनें व रुकावटें दूर होंगी। घर-परिवार में श्रेष्ठ लोगों का आगमन होगा और…

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अगस्त से दिसंबर तक इन मुहू्र्त में करवा सकते हैं बच्चे का मुंडन

हिंदू धर्म में मुंडन संस्कार को बेहद पवित्र और अहम माना जाता है। यह बच्चे के जन्म के बाद पहली बार बाल काटने की एक परंपरा है। इसको चूड़ाकरण के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह संस्कार बच्चे को उसके पिछले जन्म के दोषों से मुक्त करता है और बच्चे को अच्छा स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु प्रदान करता है। मुंडन संस्कार को सोलह संस्कारों में से एक माना जाता है। जोकि बच्चे की शुभ शुरूआत का प्रतीक होता है। वहीं धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से…

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सोमवार को भगवान शिव की पूजा के समय करें इन मंत्रों का जाप, हर मनोकामना होगी पूरी

सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। वहीं इस समय सावन चल रहा है, जोकि भगवान शिव का महीना माना जाता है। इस महीने भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही सोमवार का व्रत भी किया जाता है। मनोवांछित फल पाने के लिए श्रद्धालु सोमवार का व्रत करते हैं। भगवान शिव की पूजा करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। इससे जीवन में व्याप्त सभी तरह के दुख और संकट दूर हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी भगवान शिव की कृपा व…

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सावन कालाष्टमी व्रत से नकारात्मकता होती है दूर

17 जुलाई को सावन कालाष्टमी व्रत है, सावन मास शिव जी का सबसे प्रिय महीना है, जो भक्त और भगवान के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों को सशक्त करता है। सावन मास में इस व्रत विशेष महत्व है तो आइए हम आपको सावन कालाष्टमी व्रत का महत्व एवं पूजा विधि के बारे में बताते हैं। सावन कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। कालाष्टमी, हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, और शास्त्रों में इस महीने की कालाष्टमी को तंत्र साधनाओं और विशेष अनुष्ठानों…

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जीवन में हर सुख उठाती हैं ऐसी नाक वाली महिलाएं

हस्तरेखा शास्त्र की तरह ही समुद्र शास्त्र का विशेष महत्व होता है। जिस तरह से हाथ की लकीरें अलग-अलग होती हैं, ठीक उसी तरह से हर किसी के शरीर के अंगों की बनावट भी अलग-अलग होती है। समुद्र शास्त्र में शरीर पर मौजूद निशानों और बनावट को देखकर किसी के भविष्य और व्यक्तित्व के बारे में बताया जाता है। हस्तरेखा शास्त्र और समुद्र शास्त्र में नाक की बनावट को लेकर काफी कुछ बताया गया है। लंबी-ऊंची, चपटी और छोटी नाक को देखकर यह जाना जा सकता है कि व्यक्ति भविष्य…

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बिजनेस में तरक्की के लिए जरूर अपनाएं ये वास्तु उपाय, तेजी से बढ़ेगा व्यापार

कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी लोगों को व्यापार में सफलता नहीं मिल पाती है। हर तरह की कोशिश करने के बाद भी अगर व्यापार में लाभ नहीं मिलता है, तो इसकी एक वजह वास्तु दोष भी हो सकता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक व्यापारिक स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बहुत जरूरी होता है। जोकि समृद्धि और सफलता लाने में सहायता करता है। ऐसे में अगर आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इसके लिए आप कुछ विशेष वास्तु उपाय को आजमा सकते हैं। ऐसे…

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