गणेश चतुर्थी पर इस मुहूर्त में करें गणपति की स्थापना, जानिए महत्व और पूजन विधि

आज यानी की 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और घरों में उनकी स्थापना की जाती है। माना जाता है कि बप्पा को घर में विराजित करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और शुभता का वास होता है। इस मौके पर शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा की स्थापना करना शुभ फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी कि…

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हथेली की ये रेखा बिगाड़ सकती है आपका भाग्य, जानिए क्या है इसका रहस्य

हमारे हाथों में कई तरह की रेखाएं पाई जाती हैं, लेकिन कुछ रेखाएं हमारे जीवन के सुख-दुख का संकेत देती हैं। इनमें से कुछ रेखाएं यदि दोमुही यानी की दो सिरों में बंध जातए, तो कई बार यह जीवन में उथल-पुथल या बार-बार आने वाली परेशानियों का संकेत हो सकता है। खासकर महिलाओं को अपने हाथों की इन लकीरों पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि अगर किसी महिला की हथेली पर दोमुंही रेखाएं मौजूद हैं, तो उनका जीवन काफी संघर्षों भरा हो सकता है। हस्तरेखा एक्सपर्ट की मानें, तो जीवन रेखा…

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कालसर्प दोष से पितृ श्राप तक, इन नाग मंदिरों में मिलेगी हर दुख से मुक्ति

भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए लोग शिवालयों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। जहां पर शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने के साथ ही नाग देवता पर भी दूध चढ़ाते हैं। माना जाता है कि जो भी भक्त भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना करता है, उसके हर दुख दूर होते हैं और हर तरह के दोषों से मुक्ति भी मिलती है। वहीं कुछ मंदिरों की अपनी एक मान्यता होती है, जहां पर जाने से आपके जीवन की कई चीजें बदल सकती हैं। ऐसे…

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मृत्यु के 13 दिन तक घर में क्यों भटकती है मृतक की आत्मा, जानें गरुड़ पुराण का सच

किसी भी प्रियजन को खोना जीवन का सबसे बुरा अनुभव होता है। यह क्षण न सिर्फ दुख से भरा होता है, बल्कि ऐसी स्थिति भी लाता है जहां पर कई परंपराएं निभाई जाती हैं। हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद कई अहम संस्कार और अनुष्ठान किए जाते हैं। जिनका उद्देश्य न सिर्फ मृतक की आत्मा को शांति प्रदान करना होता है, बल्कि घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को बनाए रखना होता है। इन्हीं में से एक प्रमुख संस्कार ‘तेरहवीं’ का है। जोकि मृत्यु के 13वें दिन संपन्न…

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रामचरितमानस- जानिये भाग-29 में क्या क्या हुआ

पुण्यं पापहरं सदा शिवकरं विज्ञानभक्तिप्रदं। मायामोहमलापहं सुविमलं प्रेमाम्बुपूरं शुभम्‌। श्रीमद्रामचरित्रमानसमिदं भक्त्यावगाहन्ति ये ते संसारपतंगघोरकिरणैर्दह्यन्ति नो मानवाः॥   दोहा: पारबती पहिं जाइ तुम्ह प्रेम परिच्छा लेहु। गिरिहि प्रेरि पठएहु भवन दूरि करेहु संदेहु॥   भावार्थ:-आप लोग पार्वती के पास जाकर उनके प्रेम की परीक्षा लीजिए और हिमाचल को कहकर (उन्हें पार्वती को लिवा लाने के लिए भेजिए तथा) पार्वती को घर भिजवाइए और उनके संदेह को दूर कीजिए॥   सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वतीजी का महत्व   चौपाई: रिषिन्ह गौरि देखी तहँ कैसी। मूरतिमंत तपस्या जैसी॥ बोले मुनि सुनु सैलकुमारी। करहु…

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बार-बार पड़ते हैं अगर बीमार तो हो सकता है वास्तु दोष

मौसम के बदलने के साथ ही बीमारियों का होना सामान्य बात है। मगर, क्या एक के बाद एक घर का कोई न कोई सदस्य किसी न किसी बीमारी से परेशान रहता है। काफी कोशिशें करने के बाद भी बीमारी घर से जाने का नाम नहीं ले रही है। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि भारतीय वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि हमारे घर की संरचना, दिशा और ऊर्जा हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। अगर घर में…

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शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलेगी मुक्ति, शनिवार को करें ये अचूक उपाय

शनिवार का दिन विशेष रूप से शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन कुछ उपाय करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और उनकी अशुभ दृष्टि का भी प्रभाव कम होता है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। शनिदेव अच्छे कर्म करने वालों को अच्छा फल और बुरे कर्म करने वालों को बुरा फल देते हैं। अगर किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही होती है, तो उसको…

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भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और भारतीय संस्कृति में उनका महत्व

भाद्रपक्ष कृष्णाष्टमी का दिन सम्पूर्ण भारतवर्ष में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी ने इसी दिन अपने आठवें पुत्र रूप में भगवान श्रीकृष्ण को जन्म दिया था। यह पर्व भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन और जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। जन्माष्टमी की तिथि को लेकर इस बार कुछ भ्रम उत्पन्न हुआ था। द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 अगस्त की रात 11 बजकर 49 मिनट से भाद्रपद माह की कृष्णाष्टमी प्रारंभ…

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सुहागन महिलाओं के लिए अहम पर्व है कजली तीज

हरियाली तीज के बाद आने वाली कजरी तीज सुहागिनों के लिए खास होती है। इस दिन विवाहित महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती के साथ चंद्रमा की पूजा करती हैं। इसे सातूड़ी तीज  या बड़ी तीज के नाम से भी जानते हैं। कजरी तीज के दिन सुहागिनें पति की लंबी की कामना के लिए व्रत रखती हैं। भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज का त्योहार मनाया जाता है। यह त्योहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ अनीष…

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गायत्री जयंती पर ऐसे करें देवी गायत्री की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त

हर साल श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को गायत्री जयंती मनाई जाती है। इस दिन को गायत्री जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। देवी गायत्री को समस्त वेदों की जननी होने के कारण उनको वेद माता के रूप में भी जाना जाता है। इस बार 09 अगस्त 2025 को गायत्री जयंती मनाई जा रही है। देवी गायत्री को सभी देवताओं की माता जैसे देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती और देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। तो आइए जानते हैं गायत्री जयंती का मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र के…

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