14 सितंबर को है जितिया व्रत , जानिए क्या करें और क्या नहीं

सनातन धर्म में जितिया व्रत विशेष महत्व है। जितिया व्रत या जीवित्पुत्रिका व्रत को हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस बार जितिया व्रत को 14 सितंबर को रखा जाएगा। यह व्रत महिलाएं अपने संतान की दीर्घायु और खुशहाली के लिए रखती है। जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से शुरु होती है। इस व्रत को मुख्य रुप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर रखा जाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जितिया व्रत के दिन क्या…

Loading

Read More

गज पर मां का आगमन क्यों है खास, पढ़ें मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि

सनातन धर्म में हर साल 4 नवरात्रि पड़ती हैं। जिनमें से दो गुप्त और दो सामान्य होती हैं। गुप्त नवरात्रि आषाढ़ और माघ महीने में पड़ती हैं। तो वहीं सामान्य नवरात्रि चैत्र और आश्विन माह में पड़ती हैं। साल 2025 में आश्विन माह की शुक्ल पक्ष से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बार 22 सितंबर 2025 की सुबह 01:23 मिनट से आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरूआत हो रही है।…

Loading

Read More

विघ्नहर्ता गणेश को ऐसे चढ़ाएं बेलपत्र, मिलेगा रिद्धि-सिद्धि का वरदान

भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता कहा जाता है। गणपति की पूजा-अर्चना सभी देवी-देवताओं से पहले की जाती है। इसलिए गणपति को प्रथम पूज्य देवता भी कहा जाता है। नए घर में प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करने और विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में गणपति की पूजा की जाती है। भगवान गणेश की पूजा करने के दौरान उनकी स्तुति और चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भगवान गणेश को बेलपत्र चढ़ाने से क्या होता…

Loading

Read More

गणेश हैं विघ्नहर्ता-मंगलकर्ता एवं जीवंत राष्ट्रीयता के प्रतीक

भारतीय संस्कृति और धर्मजगत में गणेशजी का स्थान अद्वितीय है। वे विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, मंगलकर्ता और उन्नत राष्ट्र-निर्माता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। उनके स्वरूप में ही गहन प्रतीकात्मकता निहित है, हाथी का विशाल मस्तक विवेक और दूरदर्शिता का प्रतीक है, छोटा मुख संयमित वाणी का द्योतक है, बड़े कान अधिक सुनने और कम बोलने की शिक्षा देते…

Loading

Read More

गणेश चतुर्थी पर इस मुहूर्त में करें गणपति की स्थापना, जानिए महत्व और पूजन विधि

आज यानी की 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और घरों में उनकी स्थापना की जाती है। माना जाता है कि बप्पा को घर में विराजित करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और शुभता का वास होता है। इस मौके पर शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा की स्थापना करना शुभ फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी कि…

Loading

Read More

हथेली की ये रेखा बिगाड़ सकती है आपका भाग्य, जानिए क्या है इसका रहस्य

हमारे हाथों में कई तरह की रेखाएं पाई जाती हैं, लेकिन कुछ रेखाएं हमारे जीवन के सुख-दुख का संकेत देती हैं। इनमें से कुछ रेखाएं यदि दोमुही यानी की दो सिरों में बंध जातए, तो कई बार यह जीवन में उथल-पुथल या बार-बार आने वाली परेशानियों का संकेत हो सकता है। खासकर महिलाओं को अपने हाथों की इन लकीरों पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि अगर किसी महिला की हथेली पर दोमुंही रेखाएं मौजूद हैं, तो उनका जीवन काफी संघर्षों भरा हो सकता है। हस्तरेखा एक्सपर्ट की मानें, तो जीवन रेखा…

Loading

Read More

कालसर्प दोष से पितृ श्राप तक, इन नाग मंदिरों में मिलेगी हर दुख से मुक्ति

भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए लोग शिवालयों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। जहां पर शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने के साथ ही नाग देवता पर भी दूध चढ़ाते हैं। माना जाता है कि जो भी भक्त भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना करता है, उसके हर दुख दूर होते हैं और हर तरह के दोषों से मुक्ति भी मिलती है। वहीं कुछ मंदिरों की अपनी एक मान्यता होती है, जहां पर जाने से आपके जीवन की कई चीजें बदल सकती हैं। ऐसे…

Loading

Read More

मृत्यु के 13 दिन तक घर में क्यों भटकती है मृतक की आत्मा, जानें गरुड़ पुराण का सच

किसी भी प्रियजन को खोना जीवन का सबसे बुरा अनुभव होता है। यह क्षण न सिर्फ दुख से भरा होता है, बल्कि ऐसी स्थिति भी लाता है जहां पर कई परंपराएं निभाई जाती हैं। हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद कई अहम संस्कार और अनुष्ठान किए जाते हैं। जिनका उद्देश्य न सिर्फ मृतक की आत्मा को शांति प्रदान करना होता है, बल्कि घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को बनाए रखना होता है। इन्हीं में से एक प्रमुख संस्कार ‘तेरहवीं’ का है। जोकि मृत्यु के 13वें दिन संपन्न…

Loading

Read More

रामचरितमानस- जानिये भाग-29 में क्या क्या हुआ

पुण्यं पापहरं सदा शिवकरं विज्ञानभक्तिप्रदं। मायामोहमलापहं सुविमलं प्रेमाम्बुपूरं शुभम्‌। श्रीमद्रामचरित्रमानसमिदं भक्त्यावगाहन्ति ये ते संसारपतंगघोरकिरणैर्दह्यन्ति नो मानवाः॥   दोहा: पारबती पहिं जाइ तुम्ह प्रेम परिच्छा लेहु। गिरिहि प्रेरि पठएहु भवन दूरि करेहु संदेहु॥   भावार्थ:-आप लोग पार्वती के पास जाकर उनके प्रेम की परीक्षा लीजिए और हिमाचल को कहकर (उन्हें पार्वती को लिवा लाने के लिए भेजिए तथा) पार्वती को घर भिजवाइए और उनके संदेह को दूर कीजिए॥   सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वतीजी का महत्व   चौपाई: रिषिन्ह गौरि देखी तहँ कैसी। मूरतिमंत तपस्या जैसी॥ बोले मुनि सुनु सैलकुमारी। करहु…

Loading

Read More

बार-बार पड़ते हैं अगर बीमार तो हो सकता है वास्तु दोष

मौसम के बदलने के साथ ही बीमारियों का होना सामान्य बात है। मगर, क्या एक के बाद एक घर का कोई न कोई सदस्य किसी न किसी बीमारी से परेशान रहता है। काफी कोशिशें करने के बाद भी बीमारी घर से जाने का नाम नहीं ले रही है। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि भारतीय वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि हमारे घर की संरचना, दिशा और ऊर्जा हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। अगर घर में…

Loading

Read More