नवरात्रि में पहनें राशि अनुसार कपड़ों के रंग, देवी दुर्गा होंगी प्रसन्न

नवरात्रि का त्योहार पूरे भारत में पूजा-अर्चना और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हर जगह आपको मां दुर्गा के पंडाल देखने को मिलेंगे। इसके अलावा कई जगहों पर डांडिया और गरबा के भव्य कार्यक्रम होते हैं, यहां पर लोग जमकर गरबा व डांडिया खेलते हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष कृपा पाना सभी लोग चाहते हैं, तो आप नवरात्रि के दौरान अपनी राशि अनुसार इन कपड़ों को जरुर पहनें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि राशि अनुसार किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मेष राशि   नवरात्रि…

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व्रत के दौरान क्या करें और क्या नहीं? जानें सही नियम और विधि।

शारदीय नवरात्रि का त्योहार पूरे भारत में भक्ति और धूमधाम से मनाया जाता है। मां दुर्गा के 9 स्वरुपों की पूजा 9 दिनों तक सभी भक्तजन करते हैं। नवरात्रि का फेस्टिवल नौ रातों और दस दिनों तक चलने वाला एक उत्सव है जो कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दसमी के दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। साल में वैसे 4 नवरात्रि आती है एक शरद ऋतु में मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि, दूसरी वसंत ऋतु में पड़ने वाली चैत्र नवरात्रि से अधिक महत्वपूर्ण…

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पूजा में मिले ये 7 दिव्य संकेत! समझ लें भगवान की कृपा से पूरी होंगी सारी मनोकामनाएं

सनातन धर्म में भगवान की पूजा करते समय देवी-देवाताएं जरुर संकेत देते हैं। अक्सर होता कि साधक भगवान की खूब पूजा-अर्चना कर रहा है लेकिन उसको लगता है मेरी मानोकामना पूर्ण नहीं हो रही है। लेकिन ऐशा बिल्कुल भी नहीं ईश्वर अपने भक्तों को संकेत जरुर देते हैं, जिन्हें हमे समझना काफी जरुरी है। कई बार पूजा करते वक्त भगवान जी साधक को ये शुभ संकेत जरुर देते हैं। जिनको हम ध्यान नहीं देते हैं। हिंदू धर्म में पूजा करते समय कुछ संकेत देवाओं  की कृपा और इच्छा पूर्ति का…

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ईशान कोण में लगाएं अपराजिता, करियर में चमकेगी किस्मत, धन से भर जाएगा घर

वास्तु शास्त्र में घर में पेड़-पौधों को लगाने के लिए कई नियमों के बारे में बताया गया है। इन नियमों का ध्यान रखने पर घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। आपने देखा होगा कि कई लोग अपने घरों में अपराजिता का पौधा लगाते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने घर में अपराजिता का पौधा लगाने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां पर अपराजिता के पौधे से संबंधित कुछ वास्तु नियम बताने जा…

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सर्वपितृ अमावस्या पर इन 5 वास्तु उपायों से पाएं पितृ दोष से मुक्ति,घर में बनीं रहेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में पितृपक्ष के दिनों को बेहद खास और सर्वश्रेष्ठ माना जाता हैं, क्योंकि इस दौरान लोग अपने पितरों का श्राद्ध कर्म करते हैं। पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए कई सारे उपाय किए जाते हैं। पितृपक्ष की शुरुआत भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन माह की अमावस्या पर इसका समापन होता है। यह 15 दिन बेहद खास माने जाते है, इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण करते हैं। इस साल सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर को मनाई…

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कब है सर्वपितृ अमावस्या 2025? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पितरों की शांति के लिए तर्पण की पूरी विधि

7 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है जिसका समापन 21 सितंबर को होगा। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का महीना को बेहद खास माना जाता है। लोग 15 दिनों तक पूर्वजों का श्राद्ध कर्म करते हैं। सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। इसे महालय और सर्व मोक्ष अमावस्या के नाम से जाना जाता है। पितरों की आत्मा शांति और तर्पण के लिए यह दिन बेहद खास माना जाता है। पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए यह पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है। आइए आपको…

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14 सितंबर को है जितिया व्रत , जानिए क्या करें और क्या नहीं

सनातन धर्म में जितिया व्रत विशेष महत्व है। जितिया व्रत या जीवित्पुत्रिका व्रत को हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस बार जितिया व्रत को 14 सितंबर को रखा जाएगा। यह व्रत महिलाएं अपने संतान की दीर्घायु और खुशहाली के लिए रखती है। जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से शुरु होती है। इस व्रत को मुख्य रुप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर रखा जाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जितिया व्रत के दिन क्या…

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गज पर मां का आगमन क्यों है खास, पढ़ें मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि

सनातन धर्म में हर साल 4 नवरात्रि पड़ती हैं। जिनमें से दो गुप्त और दो सामान्य होती हैं। गुप्त नवरात्रि आषाढ़ और माघ महीने में पड़ती हैं। तो वहीं सामान्य नवरात्रि चैत्र और आश्विन माह में पड़ती हैं। साल 2025 में आश्विन माह की शुक्ल पक्ष से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बार 22 सितंबर 2025 की सुबह 01:23 मिनट से आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरूआत हो रही है।…

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विघ्नहर्ता गणेश को ऐसे चढ़ाएं बेलपत्र, मिलेगा रिद्धि-सिद्धि का वरदान

भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता कहा जाता है। गणपति की पूजा-अर्चना सभी देवी-देवताओं से पहले की जाती है। इसलिए गणपति को प्रथम पूज्य देवता भी कहा जाता है। नए घर में प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करने और विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में गणपति की पूजा की जाती है। भगवान गणेश की पूजा करने के दौरान उनकी स्तुति और चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भगवान गणेश को बेलपत्र चढ़ाने से क्या होता…

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गणेश हैं विघ्नहर्ता-मंगलकर्ता एवं जीवंत राष्ट्रीयता के प्रतीक

भारतीय संस्कृति और धर्मजगत में गणेशजी का स्थान अद्वितीय है। वे विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, मंगलकर्ता और उन्नत राष्ट्र-निर्माता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। उनके स्वरूप में ही गहन प्रतीकात्मकता निहित है, हाथी का विशाल मस्तक विवेक और दूरदर्शिता का प्रतीक है, छोटा मुख संयमित वाणी का द्योतक है, बड़े कान अधिक सुनने और कम बोलने की शिक्षा देते…

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