योग मनुष्य को स्वस्थ जीवन से जोड़ता है ,आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है ,भौतिक जगत को अध्यात्म जगत से जोड़ता है। योग शारीरिक और मानसिक स्वच्छता का प्रतीक बन गया है ।योग शांति का संदेश है। योग विश्व बंधुत्व की भावना एवं जगत कल्याण का बोध है । योग सर्वे भवंतु सुखीन: सर्वे संतु निरामया का प्रतीक है।इसलिए शैक्षिक उन्नति अगर करनी है तो योग को अपने जीवन में अपनाना होगा क्योंकि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। प्राचार्य सर ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को कहीं ना कहीं योग को विश्व मंच पर लाने लाने हेतु हम उनका आभार प्रकट करते हैं।आज योग हमें तनाव और अशांति से दूर रखता है और हमें स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करता है। योग सभी के लिए है, चाहे वह किसी भी उम्र या क्षमता का हो। इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रवक्ता शशांक सिंह ,डॉक्टर राजेश पांडे , डॉ. अब्दुल मोही , डॉ.प्रसून कुमार सिंह, वीरभद्र प्रताप ,डॉ.कुलभूषण मौर्य , निधि मिश्रा ,वर्तिका कुशवाहा सहित डीएलएड के समस्त प्रशिक्षुओं ने योग क्रिया में प्रतिभाग कर विधिवत ढंग से योग किया।
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